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भारत में अनलॉक 3 की जरुरी बातें

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Uttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.nitin_kumar · 2020-08-15
भारत में अनलॉक 3 की घोषणा हो चुकी हैं, लेकिन हमें अपनी ओर से भी कई सावधानियां रखनी हैं, इसके लिए हम अन्य देशों की गलतियों से सबक ले सकते है। पश्चिमी देशों में बुनियादी और स्वास्थ्य सुविधाएँ हमारे देश से कई गुना अच्छी हैं, लेकिन आवश्यक सावधानियां न रखने से कोरोना ने उन्हें भी बुरी तरह प्रभावित किया। बात करते हैं अमेरिका की -
अमेरिका एक देश ही नहीं बल्कि महा शक्तिमान भी है। अमेरिका ने पहली गलती तब की, जब उसने समय पर लॉकडाउन की घोषणा नहीं की और उसका खामियाज़ा उसको अपने नागरिकों की मौत से, और बढ़ते मरीज़ों के रूप में चुकाना पड़ा था, परन्तु अब अमेरिका ने एक और बड़ा कदम स्कूलों को खोल कर उठाया है, जहाँ प्रत्येक देश में गाइडलाइन्स और रणनीति सामने आ रही है, वहीँ अमेरिका ने स्कूल को खोल कर अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मार ली है। वँहा स्कूलों में पढ़ने वाले 97000 बच्चें कोरोना वायरस की चपेट में आ गए है। वहीँ भारत में भी सुनने में आ रहा है कि स्कूलों को खोले जाने की तैयार की जा रही है। अमेरिका में जो हुआ है वो कोरोना से लड़ाई में हमारे लिए भी बहुत बड़ा सबक है, क्योंकि इससे ये पता चलता है की ये कदम कितना खतरनाक हो सकता है।
अमेरिका में कॉलेज खोलने के बाद से ही 13 जुलाई से 30 जुलाई तक सिर्फ 14 दिनों के भीतर ही यू0 एस0 में करीब करीब 97000 मामले संज्ञान में आये हैं, और ये स्कूल और कॉलेजेस में पढ़ने वाले बच्चें हैं। यह जानकारी अमेरिकी बाल रोग अकादमी और चिल्ड्रेन हॉस्पिटल एसोसिएशन की ओर से जारी की गई। राज्य स्तरीय डाटा की नई समीक्षा रिपोर्ट में दी गई है। यह जानना जरुरी है के अमेरिका वैश्विक महामारी कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। अमेरिका में इस वायरस की प्रारम्भ से अब तक 40 हज़ार बच्चे इससे संक्रमित हो चुके हैं। यह पूरे देश के मामलों का करीब नौ फीसदी है। यदि भारत में भी इसी तरह का कदम उठा कर स्कूलों और विश्वविद्यालयों को पुनः खोला जाता है, तो इसमें कदापि शक नहीं है कि हमें भी इसी संकट से गुजरना पड़ेगा। हालाँकि ऐसी अभी कोई जानकारी स्पष्ट तौर पर प्रशासन से प्राप्त नहीं हुई है।
भारत में अनलॉक 3.0 के कुछ दिशा-निर्देश् :-
1) कन्टेनमेंट जोन में पड़ने वाले योगा केंद्र और जिम बंद रहेंगे।
2) जो संस्थान कन्टेनमेंट जोन में नहीं हैं, वे योगा केंद्र और जिम खोले जायेंगे।
3) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 5 अगस्त से खुलने वाले, संस्थानों के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशोँ का पालन करने को कहा है।
4) यह भी जानना जरुरी है, की देश भर में 15 लाख से जयादा मामले सामने आ चुके हैं।
5) सभी को सोशल डिस्टेन्सिग का ख्याल रखने की सलाह दी गयी है, प्रति व्यक्ति 6 फिट का डिस्टेंस होना चाहिए।
6) सभी स्थानों में मास्क पहनना जरुरी है।
7) सैनिटाइजर जो ऐल्कहॉल युक्त हो, उसका का प्रयोग करने की सलाह दी है।
8) किसी भी परिसर में थूकना सख्त मना है।
किन-किन बातों का रखे ध्यान :-
किसी भी हॉल परिसरों में मास्क को पहन कर ही प्रवेश करना होगा, हालाँकि योग और जिम करते हुए, ऐसा करना जरुरी नहीं होगा। सेनेटाइजर का प्रयोग करे, जो ऐल्कहॉल युक्त हो। यदि कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। डस्ट बिन और ट्रेश को हमेशा ढक कर रखें। अपने हाथों को 40-50 सेंकड तक साबुन से धोएं।
आशा करते हैं। हम सब भारत और उत्तराखंड को कोरोना मुक्त बनाने में मदद करें करेंगे।
जय हिन्द
UttaraPedia