पुराने संग्रह से
घरु पन हेरे आसोजेक कामे मार-मार

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Uttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.mukesh.kabadwal · 2020-09-07
पहाडु में लाग गो अब असोज महण यो यस महण होयो जमें राति पर बे ब्याऊ ताली बस काम - काम होय। घरक ठुल बे लिबे नान ताली जे केल जतु होल सब कराल गाड़ भिड़ा काम। आज कल सबुल आपन दातुल धार तेज करि है ली घर पना जतु दातुल छी सब लवार आफर में देखि री। भीम दा आफर दिन भर काम करणो सब गोनू पना दातुल करनी एके वी हाई।
सब घरु में योजना बनाई जारे काबटी काम होल कसी होल काम लगी भोते हाई धान मानन,भट्ट, गोहत निकालन, मडू, झुंगर ब्लाड काटड, घा लूट लगोंन सबे काम हाई पुर 30 दिन लागनेर हाई। ये लिजी योजना बनुन ले जरुरी हेई।
रातिये इकोइ सात बजी बे बार ताली सब देखिनी घा काटन में कोई आपन कनाऊ ,कोई धार ,कोई सीमार ,कोई स्यारा पन ,सब यो टेम पे मिलाल घा काटन में, घसायरू लिजी चाहा पानी ,काकड़, अमरुद सब पहुचायी जाल गाड़ा में यो काम घराक नानतिना कराल।
दोपहरी कने ले दना दन चुटी जाल गहत, मडु,भट्ट, झुंगर, यो काम में घराक जवान आदिम कराल, ब्याओ कने लगाई जाल लूट
राति द्वी बजी मानी जाल धान
योजनाबद्ध तरिकल लगभग एक महन भीतेर हाठ -भाठ तोड़ बेर आसोज बटिये ली जाल।
फिर आघिल महन बे खायी जाल मड़ुआ रवाट, गहोते दाव, भटाक डुबुक, झुंगरो भात।
दिवाली में विलायती ब्वारी ले सामान समेरुहु पहुंच जाली जेएल आसोज महन भर आपुन सकल ले नई दिखायी।
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