पुराने संग्रह से
कोरोना से जुड़े आपके सवाल भी जाने विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा

Photo credit
Uttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.secureutt · 2021-01-17
कोरोना वायरस के खिलाफ निर्णायक जंग के लिए उत्तराखंड में टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। वैक्सीन को लेकर अभी तक लोगों के मन में कई तरह के सवाल आ रहे हैं। इन सवालों का जवाब दिया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने दिया है।
सवाल: क्या कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति को भी वैक्सीन लेना आवश्यक है?
जवाब: पहले से संक्रमित होने के बावजूद वैक्सीन की पूरी डोज लेना आवश्यक है। वैक्सीन एक मजबूत प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने में मदद करेगा।
सवाल: कोरोना संक्रमित मरीज को वैक्सीन लगाई जा सकती है?
जवाब: संक्रमित मरीज को लक्षण खत्म होने के 14 दिन बाद तक वैक्सीन स्थगित करना चाहिए। क्योंकि संक्रमित मरीज वैक्सीनेशन स्थल पर दूसरों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
सवाल: क्या कोरोना वैक्सीन लेना अनिवार्य है?
जवाब: कोरोना की रोकथाम के लिए टीकाकरण स्वैच्छिक है। स्वयं की सुरक्षा और संक्रमण के प्रसार को सीमित करने के लिए कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज लेनी जरूरी है।
सवाल: वैक्सीन की पहली डोज के कितने दिनों के बाद दूसरी डोज लगानी जरूरी होगी।
जवाब: केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार वैक्सीन की पहलीडोज लगने के 28 दिनों के भीतर दूसरी डोज लगानी जरूरी है। तभी टीकाकरण का पूरा कोर्स पूरा होगा।
ये भी जानें
सवाल: क्या वैक्सीन सुरक्षित होगी। क्योंकि यह बहुत कम समय में तैयार की गई है।
जवाब: वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सुरक्षा व वैक्सीन के प्रभाव की जांच के बाद ही नियामक संस्था ने वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।
सवाल : आम लोगों को कब तक लगेगा कोविड वैक्सीन का टीका
जवाब : पहले चरण में हेल्थ वर्करों व फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जा रही है। दूसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से किसी रोग से ग्रसित लोगों को टीका लगाया जाएगा है। तीसरे चरण में सभी जरूरतमंद को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी।
सवाल: कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप की दवा ले रहे व्यक्ति भी वैक्सीन लगवा सकता है।
जवाब: हां। इनसें से एक या अधिक स्वास्थ्य परिस्थितियों वाले व्यक्ति को उच्च जोखिम वाले श्रेणी में माना जाता है। उन्हें कोविड वैक्सीनेशन की आवश्यकता है।
सवाल: कोविड वैक्सीन की खुराक लेने के बाद एंटीबॉडी कब विकसित होगी।
जवाब: वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के दो सप्ताह बाद आमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक चक्र विकसित होता है।
UttaraPedia