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देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल का हुआ उद्घाटन, जानें खासियत

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

Suchita Vishavkarma · 2020-11-03

देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल 'सीज ग्लोबल इंस्टीटयूट' का रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन किया. उत्तराखंड स्कूलों में वर्चुअल क्लास शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। इससे 500 स्कूलों के एक लाख 90 हजार बच्चे लाभान्वित होेंगे। आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 150 विद्यालयों को इससे जोड़ा जा चुका है। अगले 15 दिनों में शेष 350 विद्यालयों को भी इससे जोड़ दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि वर्चुअल क्लास का इस्तेमाल कैरियर परामर्श, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मोटिवेशन क्लास, साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए भी किया जा सकेगा। उन्होंने सचिव शिक्षा को इसके लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ साल पहले यह प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था, लेकिन इस पर निर्णय नहीं हो सका था। ऐसा कई बार हुआ है। आपातकालीन वाहन 108 की खरीद के लिए 2014 से करोड़ों रुपया मंजूर था, लेकिन इस पर भी निर्णय न ले पाने से वाहन नहीं ले पाए। सीएम ने कहा कि जो लोग पदों पर बैठे हैं वे समय पर निर्णय लें। हाई क्वालिटी एजुकेशन में यह सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा भौगोलिक विषमताओं को देखते हुए हाई क्वालिटी एजुकेशन में यह सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। सचिव विद्यालयी शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि वर्चुअल क्लासरूम कार्यक्रम समग्र शिक्षा के अंतर्गत सूचना एवं संचार तकनीक आईसीटी के तहत संचालित है। वर्तमान में इसे 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में संचालित किया जाएगा। जो प्रदेश के बच्चों के लिए बड़ा तोहफा है। माध्यमिक विद्यालयों के छात्र इसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्चुअल क्लासरूम तकनीक नवीनतम तकनीक है। यह स्मार्ट क्लासरूम व आईसीटी लैब से आधुनिक है। सेंट्रल स्टूडियो के माध्यम से विषय विशेषज्ञों द्वारा कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक के विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल जुडे़ विभिन्न विद्यालयों के बच्चों से संवाद किया। कार्यक्रम का संचालन अपर राज्य परियोजना निदेशक डा. मुकुल कुमार सती ने किया। कार्यक्रम में शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, निदेशक सीमा जौनसारी, अपर निदेशक वीएस रावत, संयुक्त निदेशक भूपेंद्र सिंह नेगी, उप निदेशक नागेंद्र बर्त्वाल, जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे। यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, वर्चुअल होम स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के लोग वर्चुअली जुड़े हुए थे. उद्घाटन अवसर पर संस्थान की संस्थापक रीना त्यागी ने कहा कि वर्चुअल होम स्कूल, स्कूली शिक्षा के विकल्प के रूप में कार्य करता है, जिससे बच्चे का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कोई बच्चा एक विषय में कमजोर, लेकिन दूसरे में मजबूत हो सकता है और ऐसे में माता-पिता के पास बच्चे की रूचि के अनुरूप विषय चुनने का विकल्प होता है. विशेषज्ञों ने बताया कि होम स्कूलिंग में परीक्षाएं तनाव मुक्त होती हैं और बच्चे में अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देने का लचीलापन होता है। नई दिल्ली: देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल 'सीज ग्लोबल इंस्टीटयूट' का रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Uttarakhand Chief Minister Trivendra Singh Rawat) ने उद्घाटन किया. उत्तराखंड से संचालित होने वाले पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक गणित, विज्ञान तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत, संस्कृति, कला और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी और संस्कृत को भी कैम्ब्रिज बोर्ड के माध्यम से संबद्ध विश्व भर के स्कूल पढ़ा पायेंगे।  
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