पुराने संग्रह से
बिना मास्क और सेनेटाइजेशन के नहीं मिलेगी स्कूल में एंट्री: कोरोना ने बदली स्कूली जिंदगी

Photo credit
Uttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.Suchita Vishavkarma · 2020-11-02
कोरोना महामारी की वजह से स्कूल का फार्मेट भी बिलकुल बदलने जा रहा है। ऐेसे कई नए मानक लागू किए गए हैं, जो अब पहले कभी सोचे तक नहीं गए थे। सुबह स्कूल मैदान में होने वाली प्रार्थना सभा कल से नहीं होगी। छात्र क्लासरूम में ही सुबह की प्रेयर कर सकते हैं। इसके साथ ही सभी प्रकार की सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी।
शिक्षा सचिव के अनुसार कोरोना संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसलिए इस एहतियात को रखना बेहद जरूरी है। एसओपी में तय किया गया है कि अधिक आयु वाले कर्मचारी, गर्भवती महिला और संवेदनशील स्वास्थ्य वाले कर्मी अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखेंगे। उन्हें छात्रों से सीधा संपर्क में आने वाला कोई फ्रंटलाइन कार्य नहीं दिया जाएगा। सर्दी, खासी, जुकाम और बुखार की शिकायत मिलने पर छात्र को स्कूल से लौटा दिया जाएगा। छात्रों को स्कूल में होने वाले स्वच्छता अभियानों में शामिल नहीं किया जाएगा स्कूल में कोरोना पॉजिटिव मामला प्रकाश में आने पर तत्काल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी होगी। एसओपी का उल्लंघन होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
मास्क के बिना किसी को भी स्कूल में एंट्री नहीं।
अभिभावक की लिखित मंजूरी के बाद ही छात्र आएंगे स्कूल।
- प्रार्थना सभा, सभी खेल-सांस्कृतिक, मनोरंजन की गतिविधियां रहेगी प्रतिबंधित।
- सभी शिक्षक-कार्मिक-छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
- थर्मल जांच, हाथ सेनटाइज करने के बाद ही स्कूल में मिलेगी एंट्री।
- हर पाली के बाद प्रत्येक कक्षा का सेनेटाइजेशन किया जाएगा।
- कक्षा में दो छात्रों के बैठने के बीच में छह फीट की अनिवार्य दूरी।
- स्कूल बस-वैन का प्रतिदिन सेनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेसिंग से संचालन।
UttaraPedia