किसी किताब का जाना-पहचाना नाम दो जगह दिखता है, लेकिन कीमत और कवर अलग हैं। सही प्रति चुनने से पहले यह समझें कि आपको कौन-सा संस्करण चाहिए। पाठ्यक्रम की सूची लेकर खरीदने वाला विद्यार्थी और अपनी पसंद का अनुवाद खोजता पाठक, एक जैसे शीर्षक के भीतर अलग चीजें ढूँढ़ सकते हैं।
ISBN की भूमिका समझें
ISBN का पूरा नाम International Standard Book Number है। पुस्तक व्यापार और सूचीकरण में इससे किताब के शीर्षक, संस्करण और स्वरूप की पहचान होती है। आधुनिक ISBN में तेरह अंक होते हैं; पुरानी किताबों पर दस अंकों वाला ISBN भी मिल सकता है। इसे पहचान मिलाने का साधन समझें, किताब आपके लिए कितनी उपयोगी है इसका विवरण नहीं।
संस्करण और स्वरूप अलग देखें
अलग भाषा के संस्करण और अलग स्वरूप के लिए अलग ISBN होता है। पाठ में महत्वपूर्ण संशोधन वाले नए संस्करण को भी नया नंबर चाहिए। प्रकाशक, पाठ और बाइंडिंग न बदले हों तो दोबारा छपी प्रति में पुराना ISBN रह सकता है। केवल कीमत बदलने से नया ISBN जरूरी नहीं होता।
इसीलिए एक शीर्षक के साथ एक से अधिक सही नंबर मिल सकते हैं। हर अंतर का मतलब बेहतर या खराब किताब नहीं है। पेपरबैक, डिजिटल प्रति और संशोधित संस्करण अलग जरूरतें पूरी कर सकते हैं। पहले अपनी जरूरत पहचानें, फिर विवरण मिलाएँ।
चार पंक्तियों में जरूरत लिखें
पुस्तकालय या दुकान जाने से पहले किताब का नाम और लेखक, जरूरी भाषा या अनुवादक, संस्करण का विवरण और स्वरूप लिखें। पाठ्यक्रम की सूची में ISBN दिया हो तो उसे भी साथ रखें। कोई बात स्पष्ट न हो तो कवर देखकर अनुमान लगाने के बजाय सवाल लिखें।
अभ्यास के लिए मानिए कि पाठ्यक्रम में दूसरा संस्करण पेपरबैक में चाहिए। एक सूची में पहला संस्करण है और दूसरी में ईबुक। नाम एक होने पर भी दोनों विवरण आपकी सभी शर्तों से मेल नहीं खाते। किसी को विकल्प मानने से पहले गायब जानकारी पूछें।
सामने आई प्रति से मिलान करें
संभव हो तो केवल प्रचार वाली तस्वीर नहीं, किताब का शीर्षक पृष्ठ और प्रकाशन विवरण भी देखें। प्रति पर लिखा नंबर प्रकाशक या पुस्तकालय की सूची से मिलाएँ। दुकान में सामान्य कवर फोटो लगी हो तो पूछें कि भेजी जाने वाली प्रति वास्तव में किस संस्करण की है। पुस्तकालय से लेते समय सूची का रिकॉर्ड और हाथ में आई किताब साथ जाँचें।
पढ़ने का उद्देश्य याद रखें
पाठक समूह में अलग संस्करण चल सकते हैं, लेकिन पृष्ठ संख्या से चर्चा करने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में अध्याय या उपशीर्षक का नाम तय करके अंश खोजें। परीक्षा या पाठ्यक्रम के लिए संस्था का निर्धारित संस्करण लें और विकल्प पर शिक्षक से पूछें। यह छोटी जाँच सही किताब पहचानने में मदद करती है; उपयोगिता समझने के लिए नमूना पढ़ना फिर भी जरूरी है।
स्रोत और अभ्यास
International ISBN Agency: what an ISBN identifies · International ISBN Agency: when ISBN changes
UttaraPedia


