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नैनीताल में किया जा रहा है रामलीला का डिजिटल प्रसारण, नहीं टूटेगा कुमाऊनी रामलीला के मंचन की परम्परा

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

Himani.Bohara · 2020-10-15

इतिहास में पहली बार होगा कुमाऊनी रामलीला का डिजिटल प्रसारण कोरोना महामारी के चलते जब धार्मिक आयोजनों पर रोक लगी थी तो वहीं नैनीताल के रंगकर्मियों और थियेटर से जुड़े कलाकारों ने निर्णय लिया कि कुमाऊंनी रामलीला का मंचन नहीं रुकेगा। साथ ही उन्होंने तय किया कि उनके द्वारा कोरोना कि गाइडलाइन का भी पालन किया जाएगा और रामलीला का मंचन भी किया जाएगा। वहीं इस वर्ष नैनीताल के रंगकर्मियों और कलाकारों द्वारा कुमाऊंनी रामलीला का मंचन डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। इतिहास में पहली बार हो रहा है कि कुमाऊंनी रामलीला का मंचन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। रंगकर्मियों और कलाकारों द्वारा पूरी मेहनत से अपने किरदारों की की जा रही है प्रैक्टिस वहीं कुमाऊंनी रामलीला को डिजिटल रूप देने के लिए प्रयोगांक सोसाइटी फॉर सोशल एंड एन्वायरमेंट डेवलपमेंट नैनीताल के कलाकारों द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सभी रंगकर्मी अपने अपने किरदारों की प्रैक्टिस कर रहे है। वहीं आपको बता दें कि रामलीला की तैयारियां मंगलवार को पूरी हो चुकी है जिसके चलते 17 अक्टूबर शनिवार से कुमाऊंनी रामलीला का प्रसारण ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसी के साथ इस ऑनलाइन प्रसारण में अलग अलग रामलीला मंच के सभी किरदार एक साथ मिल कर डिजिटल माध्यम से रामलीला का मंचन कर रहे है। विधायक संजीव आर्य ने राज्याभिषेक कर ऑनलाइन मंचन की की प्रशंसा वहीं रामलीला का समापन मंगलवार को हो चुका है जिसमें राम भरत मिलाप और राज्याभिषेक का मंचन किया गया। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि नैनीताल विधानसभा के लोकप्रिय विधायक संजीव आर्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे। जिसके चलते उनके द्वारा आरती उतार कर राज्ाभिषेक किया गया। इसी के साथ विधायक संजीव आर्य द्वारा रामलीला के डिजिटल माध्यम से प्रसारण की भुरी भुरी प्रसंशा भी की गई। 17 अक्टूबर से पूरे नवरात्र में होगा रामलीला का ऑनलाइन प्रसारण इसी के साथ बता दें कि इसे 17 अक्तूबर से पूरे नवरात्र के अवसर पर सभी दर्शक घर बैठे यू-ट्यूब, फेसबुक और  केबल चैनल के  माध्यम से एपिसोड में देख सकते हैं। वहीं डिजिटल रामलीला के निर्देशक संतोष बिष्ट ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से इस बार डिजिटल रामलीला का आयोजन परम्परागत राग रागीनियों, छंद चौपाई दोहों सीमित साधन और सीमित समय के साथ किया गया है। वहीं इस वर्ष डिजिटल रामलीला में थिएटर का भी रूप दिखाई देगा साथ ही नैनीताल की मल्ली ताल रामलीला कमेटी, सुखाताल रामलीला कमेटी, तल्ली ताल रामलीला कमेटी और सात नम्बर रामलीला कमेटी द्वारा एक साथ डिजिटल रामलीला का प्रारूप तैयार किया जा रहा है वहीं आस पास की सभी रामलीला कमेटियों का सहयोग भी डिजिटल रामलीला मंचन को मिल रहा है। सभी रामलीला की कमेटियों ने मिलकर किया डिजिटल रामलीला का आयोजन   सुखाताल रामलीला कमेटी के राम डिजिटल रामलीला में राम का किरदार निभाएंगे। वहीं रोहित वर्मा रावण के किरदार को डिजिटल रामलीला में जीवंत करेंगे इसी के साथ तल्ली ताल के लक्ष्मण, ज्योलिकोट से विभीषण और राम सेवक सभा मल्लीताल से बाणासुर का किरदार निभाया जा रहा है।  सभी क्षेत्रवासियों, कलाकारों और रंगकर्मियों का मिला सहयोग वहीं इस डिजिटल रामलीला के मंचन को तैयार करने में सभी रामलीला कमेटी के सदस्यों, रंगकर्मियों और कलाकारों ने अपना पूर्ण सहयोग दिया है जिसके चलते मिथिलेश पांडे, कैलाश साह जगाती, मुकेश धस्माना, मदन मेहरा, प्रारूप तैयार करने की टीम और सहयोगी निर्देशक चारु तिवारी, सहायक निर्देशक वैभव जोशी, पवन कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर- द्वितीय सोनी जंतवाल, संगीत निर्देशक नरेश चम्याल, सहायक संगीत निर्देशक नवीन बेगाना, संगीत सहायक रवि, संजय, फोटोग्राफी अमित साह, वेशभूषा मदन मेहरा, सहायक सोनी जंतवाल और जावेद, कैमरा निर्देशक दीपक पुल्स, सहयोगी अदिति खुराना, सहायक अमित विद्यार्थी साथ  ही राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बावड़ी और राजेंद्र बजेठा के साथ साथ अनेक लोगों और कलाकारों का साथ डिजिटल रामलीला मंचन को मिल रहा है।
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