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यूपी/दिल्ली से उत्तराखंड के लिए आज से रोडवेज की कई बसें

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

secureutt · 2020-10-01

उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार सहित अन्य शहरों के लिए आज से रोडवेज की बसें आज से चलेंगी। परिवहन निगम इसके लिए लखनऊ सहित प्रदेशभर से 100 साधारण, जनरथ, पिंक एक्सप्रेस बसों का संचालन करेगा। लखनऊ, कानपुर, मुजफ्फरनगर, कैशांबी, गंगोह, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद से उत्तराखंड के लिए रोजाना बसें चलेंगी। इनका ब्योरा परिवहन निगम की वेबसाइट पर दर्ज करा दिया गया है। लखनऊ से हरिद्वार और देहरादून जाने वालों के लिए तीन बसों की सुविधा एक अक्तूबर से मिलेगी। क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस के मुताबिक कैसरबाग से देहरादून के बीच तीन बसों के संचालन की मंजूरी मिली है। इनमें सीटों की बुकिंग बुधवार से शुरू हो गई। लखनऊ से ये बसें चलेंगी। एसी जनरथ बस, कैसरबाग से देहरादून वाया हरिद्वार, शाम 4:00 बजे, किराया 920 रुपये पिंक एक्सप्रेस बस, कैसरबाग से देहरादून वाया बरेली, रात 9:00 बजे, किराया 1130 रुपये एसी स्लीपर बस, कैसरबाग से देहरादून वाया मुरादाबाद, रात 9:30 बजे, किराया 1403 रुपये दिल्ली रूट पर उत्तराखंड की कुल 100 बसें संचालित होंगी। जिनमें अकेले दून से 22 बसें उत्तराखंड रोडवेज, जबकि 24 बसें यूपी रोडवेज की संचालित होंगी। हालांकि, अब तक उत्तर प्रदेश ने जवाब नहीं दिया है कि वह अपनी बसें बुधवार से चलाएगा या एक-दो दिन बाद से, लेकिन उत्तराखंड की ओर से अपनी बसें बुधवार से संचालन की सूचना उत्तर प्रदेश को भेज दी गई है। उत्तर प्रदेश के बाकी शहरों जैसे लखनऊ, बरेली, कानपुर, आगरा, सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, बिजनौर आदि के लिए उत्तराखंड की बसों का संचालन अगले दो-तीन दिन में आरंभ होगा। बस संचालन से पहले मंगलवार को रोडवेज के महाप्रबंधक दीपक जैन ने अन्य अफसरों के साथ आइएसबीटी व मंडलीय कार्यशाला का निरीक्षण किया। लंबे समय से खड़ी बसों की साफ-सफाई व इंजन की स्थिति जांचने के आदेश दिए गए। उत्तराखंड से दिल्ली मार्ग पर बसें गढ़वाल मंडल: दून-दिल्ली, ऋषिकेश-दिल्ली, कोटद्वार-दिल्ली, हरिद्वार-दिल्ली, कालसी-दिल्ली, रुड़की-दिल्ली, श्रीनगर-दिल्ली, गोपेश्वर-दिल्ली, कर्णप्रयाग-दिल्ली, उत्तरकाशी-दिल्ली, रुड़की-हरिद्वार-दिल्ली, बीरोंखाल-दिल्ली, त्रिपालीसैंण-दिल्ली, पौड़ी-श्रीनगर-दिल्ली कुमाऊं मंडल -हल्द्वानी-दिल्ली, नैनीताल-दिल्ली, टनकपुर-दिल्ली, लोहाघाट-दिल्ली, रुदपुर-दिल्ली, रामनगर-दिल्ली, अल्मोड़ा-दिल्ली, सुरईखेत-दिल्ली, देघाट-दिल्ली, जौरासी-दिल्ली, सराईखेत-दिल्ली, बैजरो-दिल्ली, गंगोलीघाट-दिल्ली, धारचूला-दिल्ली, झूलाघाट-दिल्ली, पिथौरागढ़-दिल्ली, गनाई-दिल्ली, अटपेशिया-बागेश्वर-दिल्ली, रानीखेत-दिल्ली, कौसानी-दिल्ली, धरमघर-दिल्ली, बांसबगड़-दिल्ली, देवाल-दिल्ली, शक्तिफार्म-दिल्ली, बाजपुर-दिल्ली। गढ़वाल से कुमाऊं के लिए भी आज से शुरू होंगी बसें  एक प्रदेश में होने के बावजूद गढ़वाल व कुमाऊं के बीच अब तक बस संचालन न होने से परेशान प्रदेश के हजारो यात्रियों को आज से राहत मिल जाएगी। दरअसल, इन दोनों मंडलों के बीच बस सेवा में यूपी का मार्ग पड़ने से अड़ंगा लगा हुआ था, लेकिन अब यह पेंच हट गया। बुधवार से देहरादून से नैनीताल, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर और पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, टनकपुर के लिए बसें संचालित होनी शुरू हो जाएंगी। इन स्थानों से भी बसें हरिद्वार व दून आ सकेंगी। हर यात्री का नाम-नंबर होगा दर्ज  बसों में सफर करने वाले हर यात्री का नाम और मोबाइल नंबर परिचालक को एक प्रपत्र में दर्ज करना अनिवार्य होगा। बताया गया कि अंतरराज्यीय बस सेवाओं में चाहे यात्री उत्तराखंड से जाए या फिर आए, दोनों परिस्थितियों में देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर उसे पंजीकरण कराना होगा। यदि किसी कारणवश वह पंजीकरण कराए बिना प्रदेश में आता है तो यहां बस अड्डे पर प्रशासन की टीम उसका पंजीकरण करेगी। यह शर्त केवल उत्तराखंड की बसों के लिए ही नहीं बल्कि यहां आने-जाने वाली दूसरे प्रदेशों की बसों के लिए भी अनिवार्य रहेगी। बसें बीच रास्तों में रोकने के बजाए बस अड्डों से सीधे बस अड्डों तक चलेंगी। निजी बस के संचालन में अभी समय लगेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कुछ मार्गो पर चलने वाली निजी स्टेज कैरिज की बसों के संचालन में भी अभी वक्त लगेगा। इनमें दून के विकासनगर-सहारनपुर मार्ग के साथ ही चकराता-त्यूणी-सहारनपुर मार्ग के अलावा कुमाऊं क्षेत्र में रुद्रपुर-काशीपुर से बरेली आदि मार्गो पर संचालित होने वाली निजी बसें शामिल हैं।
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