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सात ताल : पक्षियों के लिए स्वर्ग

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

PopcornTrip · 2021-02-07

सात ताल में सैकड़ों प्रजातियों पक्षियों के साथ  पुष्प, वृक्ष एवं औषधियां देखी  जा सकती है, यहाँ कई वन्य प्राणियों का भी आवास है। एक सुहावने दिन सात ताल की यात्रा कर घूम आने का विचार बना, आप भी चलिए सातताल के इस दिलचस्प सफ़र में। इस लेख में आप पाएंगे सात ताल के बारे में विस्तृत और रोचक जानकारी।
सातताल, नैनीताल जिले का एक प्रमुख आकर्षण है। सातताल से निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम (28 किलोमीटर) और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर (50 किलोमीटर) है। काठगोदाम से भीमताल होते हुए भीमताल - भवाली मार्ग में कुछ किलोमीटर बाद, महरागाँव से - बाई ओर ढलान की और जाती सड़क से पंहुचा जा सकता है। हल्द्वानी से काठगोदाम, भीमताल से होते हुए सातताल की दुरी 32 किमी हैं, नैनीताल से सातताल 18 किमी है, और दिल्ली से सातताल की दुरी लगभग 310 किलोमीटर, जो लगभग 9 घंटे की ड्राइव है। ट्रेन से - दिल्ली से काठगोदाम स्टेशन के लिए रात भर की यात्रा कर पंहुचा जा सकता है -  काठगोदाम से टैक्सी लेकर एक घंटे में सातताल पंहुचा जा सकता है। हमने हल्द्वानी से सुबह लगभग 8 बजे अपनी यात्रा प्रारम्भ की। दिन में अच्छी धुप खिली थी, और रास्ते में कुछ ज्यादा ट्रैफिक नहीं था, वैसे दिन प्रतिदिन पर्यटन और सड़क परिवहन विकसित होने के साथ, उत्तराखंड की - सड़कों पर उसी अनुपात में ट्रैफिक बढ़ता जा रहा है। कुछ बातों को ध्यान रख निकले तो - अपेक्षाकृत कम ट्रैफिक roads में दिखेगा, वीकेंड और लॉन्ग हॉलीडेज ऐसा समय है जब तुलनात्मक रूप में अधिक ट्रैफिक दिखाई देता है। हल्द्वानी से सातताल को जाती रोड -  पर्वतीय क्षेत्र को भीजोड़ने के लिए एक मुख्य सड़क है, जो कुमाऊँ के मैदानी भाग से पर्वतीय जनपदों जैसे  अल्मोड़ा, बागेश्वर पिथौरागढ़ सहित गढ़वाल के कुछ भाग को जोडती है। इस स्थान का नाम सातताल इसलिए पड़ा कि - यहाँ कभी छोटे - बढे  सात ताल हुए करते थे, कुछ ताल यहाँ सड़क से गुजरते हुए दिखाई देते है, जंगल और पहाड़ियों से घिरे, और कुछ ताल अब अस्तित्व में नहीं है। इन तालों के नाम निम्नलिखित ।
  1. नल-दमयंती ताल,
  2. गरुड़ ताल,
  3. राम ताल,
  4. लक्ष्मण ताल,
  5. सीता ताल,
  6. पूर्ण ताल, और
  7. सुखा ताल
महरागाँव से सातताल का मार्ग ढलान लिए हुए है, और ढलान में नीचे उतरते हुए कुछ खुबसूरत मोड़, मार्ग घने वृक्षों और सुंदर नजारों से घिरे हैं। ये रास्ते और यहाँ से दिखते नज़ारे - यहाँ से गुजरते हुए बार बार रुकने को सम्मोहित करते है! असीम शांति - चिताकर्षक दृश्य, यही तो है वो, जिसके लिए दुनिया भर से सैलानी यहाँ आते हैं। सात ताल में सैकड़ों प्रजातियों पक्षियों के साथ  पुष्प, वृक्ष एवं औषधियां देखी  जा सकती है, यहाँ कई वन्य प्राणियों का भी आवास है।  स्वच्छ वातावरण, घने वृक्ष, जगह - जगह ताल, प्रकर्ति को फलने फूलने के लिए और क्या चाहिए। यहाँ विविध प्रजातियों के पक्षियों को देख - बर्ड फोटोग्राफरस और बर्ड watchers के आँखों की चमक और दिल में उमग बढ़ जाती है। ताल के किनारे बतखों का समूह आपको युही दिख पड़ता है। इन कुछ घुमावदार मोड़ से होते पहुचे सुन्दर बांज के वृक्षों से घिरे - सात ताल के एक किनारे - कुछ देर तक ताल के साथ लगी रोड से आगे बढ़ पहुचे सातताल की छोटी सीढ़ीनुमा बाज़ार में,कुछ  भोजनालय हैं। बैठने और यहाँ से ताल का आनंद लेने के लिए जगह जगह बेंच लगी है,  यहाँ के रेस्टोरेंट्स में उत्तराखंड का स्थानीय पौष्टिक भोजन का आनंद लिया जा सकता है। सड़क के किनारे ही वाहनों के लिए पार्किंग उपलब्ध है, और पार्किंग से कुछ सीढियों से नीचे गुजर कर ताल तक पंहुचा जा सकता है। सातताल - रामताल और सीताताल से मिलकर बना है, पुल के एक एक और के हिस्से को राम ताल कहते है, और दुसरे हिस्से को सीता ताल, यह भी माना जाता है, कि रामताल से एक किनारे पर लगा हुआ हिस्सा लक्ष्मण ताल है। ताल के एक किनारे से दुसरे किनारे को जोड़ने के लिए एक पुल है - राम सेतु, इसके दूसरी ओर जाकर थोडा ऊंचाई से भी ताल के कुछ और सुन्दर दृश्य देखे जा सकते हैं। ताल में बोटिंग पर्यटकों के मध्य सबसे पसंदीदा एक्टिविटी है, अलग अलग आकार की बोट में नौकायन करते सैलानी, ताल के चारो और अच्छी  हरियाली और वन क्षेत्र, ऊँचे पेड़, प्रकर्ति, शांति और अपनों के साथ ऐसी जगह  - समय भले न ठहरे, लेकिन खुद को और थोड़ा और जवान होता महसूस किया ही जा सकता है। नौकायन के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों जैसे Nature walk, bird watching, River Crossing, Photography, Mountain biking, Rappelling आदि का भी पर्यटक आनंद लेते हैं। ताल के किनारे और आस पास घूमते हुए हम, सुरम्यता को निहारते हुए बर्ड्स और नेचर ताल के सभी और घुमे। हालाकिं सुबह का समय बर्ड watching के लिए अधिक अनुकूल है। बर्ड watching के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून है, वैसे वर्ष भर सात ताल आया जा सकता हैं, नैनीताल की तरह गर्मियों के समय यहाँ अधिक व्यस्त सीजन मिलता है, यहाँ के अपेक्षाकृत  ठन्डे मौसम के कारण से मई जून में यहाँ बिना पंखे या AC से समय बिताने पर्यटक यहाँ पहुचते है। यहाँ ताल में एक बोट में बैठी किंगफ़िशर को मछलियों का शिकार करते हुए कैप्चर करने का मौका मिला, सही समय के इंतज़ार करने के बाद किंगफ़िशर ने तेजी से dive मारी, और उतनी ही तेजी से वापस आई, किंगफ़िशर के बारे एक विचित्र तथ्य है - कि ज्यादातर किंगफ़िशर जब शिकार करना सीखते है, तो पानी में अपनी पहली ही dive में डूब जाती हैं, और जो सर्वाइव कर पाती है वो ही ऐसे दिखाई देती है। सातताल में बोटिंग के साथ यहाँ आस पास ट्रैकिंग की जा सकती है, nature walk किया जा सकता है. डे हाईकिंग कर सकते है, यही माँ हिडिम्बा का मंदिर भी है -  मान्यता है कि - महाभारत काल में भीम और हिडिम्बा यही मिले थे। सातताल के साथ एक दंत कथा भी जुडी हुई है | कहा जाता है कि पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत काल में एक प्रसिद्ध राजा थे जिनका नाम था “नल” और उनकी पत्नी का नाम “दमयन्ती” था | किसी कारण से अपने भाई “पुष्कर” के द्वारा चौदह वर्ष के लिए राज्य निष्कासन की सजा सुनाये जाने के कारण “नल और दमयन्ती” गरीब और दयनीय हालत में दर-दर भटकते रहे । भटकते हुए “नल और दमयन्ती” ने सातताल क्षेत्र के शांत वातावरण में शरण ली और अपने वनवास के दिन व्यतीत करे | उन्ही के नाम पर इस क्षेत्र में एक ताल भी है | जिसका नाम “नल-दमयन्ती ताल” हैं | सातताल को पर्यटन विभाग की ओर से प्रमुख सैलानी क्षेत्र घोषित किया गया है और सातताल के आसपास नाना प्रकार के फूल , लतायेँ लगायी जाती है | बैठने के अलावा इस जगह पर सीढियों और सुंदर सुंदर पुलों का निर्माण कर “सातताल” को स्वर्ग जैसा ताल बनाया गया है। सातताल के साथ उत्तराखंड के अन्य स्थानो की तस्वीरें देखने के लिए क्लिक करें ? http://uttarapedia.com/gallery/ यहाँ ठहरने के लिए कुछ कैंप साईटस और रिसोर्ट है, सभी नेचर से घिरे, जो इन्टरनेट पर सर्च की जा सकती हैं। सातताल के अतिरिक्त आस पास के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल है - भीमताल, भवाली, नौकुचियाताल,  नैनीताल, मुक्तेश्वर, रामगढ, कैंची मंदिर। और इन सब स्थानों पर लिखे आर्टिकल्स भी इस वैबसाइट में पढ़ सकते हैं। सातताल झील बहुत बड़ी नहीं है, यहाँ की बाज़ार में ही गिनी - चुनी food stall/ restaurants हैं, लेकिन अगर आप यहाँ घूमना चाहें तो घुमने के लिए है समीपवर्ती वन में घूम सकते है। यहाँ रुकने का विचार उनके लिए अच्छा है - जो प्रकृति के साथ करीब से रहना चाहते हैं, इंटरनेट/ मोबाइल कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओ के बिना बेसिक लाइफ को जीना चाहते हो, यहाँ 2- 3 रहकर, दुनिवायी  ठहराव में आत्मिक बदलाव प्राप्त कर सकते है। सातताल में पूरा दिन बिता - तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स को मेमोरी कार्ड में और अनुभूतियों को मेमोरी का हिस्सा बना चले वापस लौट चले। सात ताल पर बना विडियो देखें ? https://youtu.be/hz3vVrYbFyg    
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