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उत्तराखंड समाचार 19 मार्च 2021
deepak.joshi · 2021-03-19
दो अप्रैल से देहरादून में शुरू होगा ऐतिहासिक झंडा मेला
देहरादून का एतिहासिक झंडा मेला दो अप्रैल यानी पंचमी के दिन से शुरू हो जाएगा। इसी दिन झंडे जी का आरोहण होगा। इसके लिए श्री झंडा जी मेला प्रबंधन समिति तैयारी शुरू कर दी है। इस बार पंजाब के रोपड़ के जैलसिंह नगर निवासी जसवीर सिंह पुत्र सुरजीत सिंह को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य मिलेगा। गुरुवार को झंडे जी के आरोहण व मेले के आयोजन को लेकर दरबार साहिब के सज्जादानशीन महंत देवेंद्र दास महाराज ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मेला प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। अपने संदेश में उन्होंने सभी संगतों व श्रद्धालुओं को कोरोना वायरस के प्रति बचाव की एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मेले में शामिल होने के केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें व मेले में शामिल होने के दौरान संक्रमण से बचाव रखें। इस साल पंजाब के रोपड़ के जैलसिंह नगर निवासी जसवीर सिंह पुत्र सुरजीत सिंह को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। दरबार साहिब में आयोजित होने वाले झंडा मेले में पुण्य कमाने के लिए हर साल देश विदेश से लाखों की संख्या में संगतें देहरादून पहुंचती हैं। इस बारे झंडे जी का आरोहण व मेले के आयोजन को लेकर मेला प्रबंधन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेला अधिकारी केसी जुयाल ने बताया कि मेला आयोजन को लेकर संगतों व दूनवासिचयों में हर वर्ष की भांति हर्षाल्लास का माहौल है। मेला आयोजन को लेकर तय कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं। दून के संस्थापक श्री गुरु राम राय महाराज के जन्मदिवस के रूप में हर साल दरबार साहिब देहरादून में झंडे जी मेले का आयोजन किया जाता है। श्री गुरु राम राय महाराज का जन्म पंजाब के कीरतपुर (जिला होशियारपुर) में वर्ष 1646 को (होली के पांचवें दिन चैत्रवदी पंचमी को) हुआ था, तब से हर साल संगतों द्वारा देहरादून में होली के पांचवें दिन (चैत्रवदी पंचमी को) ऐतिहासिक झंडे जी मेले का आयोजन हर्षाल्लास व भक्तिभाव के साथ किया जाता है।विवादित बयानों से इंटरनेट मीडिया में ट्रोल रहे मुख्यमंत्री तीरथ
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के 'फटी जींस' वाले बयान ने इंटरनेट मीडिया पर भूचाल ला दिया है। गुरुवार को पूरा दिन हैशटैग रिप्ड जींस टॉप पर ट्रेंड करता रहा। आम इंटरनेट यूजर से लेकर बड़े-बड़े सेलेब्रिटी इस पर प्रतिक्रिया देते रहे। अधिकांश यूजर इस मसले पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पर निशाना साधते रहे तो कुछ उनके बचाव में भी आगे आए। उत्तराखंड में भी मुख्यमंत्री को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने आड़े हाथों लिया। वहीं, भाजपा महिला कार्यकत्र्ता और खुद मुख्यमंत्री की पत्नी उनके बचाव में आगे आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया। वहीं, तमाम न्यूज चैनल में भी दिनभर मुख्यमंत्री के फटी जींस वाले बयान पर डिबेट चलती रही। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक कार्यक्रम में आजकल के युवाओं के कपड़ों पर टिप्पणी करते हुए अभिभावकों को बच्चों को संस्कारवान बनाने की नसीहत दी थी। बॉलीवुड अभिनेत्रियों ने मुख्यमंत्री को ट्विटर पर लिया आड़े हाथ ट्विटर पर कई फिल्म अभिनेत्रियों ने फटी हुई जींस पहनकर फोटो शेयर किया और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को खरी-खरी सुनाई। अभिनेत्री गुल पनाग ने फोटो डालकर लिखा कि वह अपनी फटी हुई जींस निकाल रही हैैं। अभिनेत्री श्रुति सेठ ने लिखा कि वह भी अपनी जींस को काट रही हैैं। कंगना रनौत, सोना महापात्रा, कोइना मित्रा आदि ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी है। टी-20 मैच शुरू होने तक ट्रेंड करता रहा हैशटैग रिप्ड जींस ट्विटर पर हैशटैग रिप्ड जींस दिनभर देश में पहले और दूसरे नंबर पर ट्रेंड करता रहा। फटी जींस को लेकर शाम तक करीब 33 हजार ट्वीट आ चुके थे। इसके बाद शाम को सात बजे भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 मैच शुरू हुआ तो केएल राहुल और श्रेयस अय्यर ट्रेंड करने लगे। इन्होंने कहा- फिल्म अभिनेत्री कोइना मित्रा ने कहा शायद भारतीय जनता पार्टी अगले 50 साल राज करे, लेकिन फटी जींस हमेशा रॉक करेगी। मर्द हमें न बताएं कि क्या पहनना है।
- पॉप सिंगर सोना महापात्रा ने कहा मैैं यहां गर्मी के कारण जींस नहीं पहन पा रही हूं, लेकिन अपनी फटी हुई टी-शर्ट के साथ संस्कारी घुटना दिखाने में खुश हूं।
- अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या नवेली नंदा ने कहा हमारे कपड़ों को बदलने से पहले अपनी सोच बदलिए। यहां यही बात हैरान करने वाली है कि इससे समाज को कैसा संदेश जा रहा है।
- फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा यदि आप फटी जींस पहनना चाहते हैैं तो सुनिश्चित करें कि कूलनेस बरकरार रहे। ताकि यह आपका स्टाइल लगे न कि आप बेघर भिक्षु लगें। जिसे इस महीने माता-पिता से भत्ता नहीं मिला हो, आजकल अधिकांश युवा ऐसे ही दिखते हैं।
- फिल्म अभिनेत्री रूप दुर्गापाल ने कहा महिलाओं को शर्मसार करने वाले किसी भी तरह के पाषाण युग के विचारों और स्वतंत्रता के अधिकार को छीनने वाली सोच का जवाब फटी जींस पहनकर दे रही हूं। हमारे संस्कार इतने कमजोर नहीं कि फटी हुई जींस के मोहताज हो जाएं।
- फिल्म अभिनेत्री स्वाति सेमवाल ने कहा महिलाओं की फटी हुई जींस कोई समस्या नहीं है। समस्या आपकी इस प्रकार की सोच है मुख्यमंत्री जी।
- एमकेपी की छात्र नेता प्रियाल ध्यानी ने कहा बतौर मुख्यमंत्री किसी के पहनावे को लेकर बयान देना उचित नहीं। प्रदेश की समस्याओं पर बात करने के बजाय मुख्यमंत्री महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी कर रहे हैं। यह उत्तराखंड की बेटियों को हतोत्साहित करना है।
- एमकेपी की छात्रा अंकिता जगूड़ी ने कहा सभी को अपने मनमाफिक कपड़े पहनने का अधिकार है। हालांकि, अपनी संस्कृति और वेशभूषा का भी सम्मान करना चाहिए। किसी को भी पहनावे को लेकर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सामान्य बात कही है। किसी को निशाना बनाकर अपमान नहीं किया।
- पहला विवादित बयान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री शाह जी के यहां पेशी लगेगी तो क्या दिक्कत है : मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्त्ताओं को संबोधित करते हुए हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कुंभ को लेकर कोई रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह जी के यहां मेरी पेशी लगेगी वे पूछेंगे, डांटेंगे तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कुंभ के अखाड़ों, व्यापारियों और लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
- दूसरा विवादित बयान: आने वाले समय में लोग मोदी को भगवान मानने लगेंगे : मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी का चमत्कार है। वह लोगों को कहते हैं त्रेता व द्वापर युग में राम व कृष्ण हुए हैं। राम ने भी यही समाज का काम किया था तो उन्हें भगवान मानने लगे। आने वाले समय में भी लोग नरेंद्र मोदी को उसी रूप में मानने लगेंगे। जो काम नरेंद्र मोदी कर रहा है उसकी जयजयकार है। मोदी है तो मुमकीन है।
- तीसरा विवादित बयान: घुटनों में फटी हुई जींस पहनकर क्या संस्कार देंगे : मुख्यमंत्री ने देहरादून में बाल अधिकारी संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृति विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए सबसे विवादित टिप्पणी कर डाली। उन्होंने कहा कि जब वह युवाओं को फटी जींस पहनकर घूमते देखते हैं तो उन्हें आश्चर्य होता है। उन्होंने एक संस्मरण का जिक्र करते हुए कहा कि वह जयपुर से दिल्ली की फ्लाइट पर बैठे हुए थे। उनके बगल में एक महिला बैठी हुई थी। महिला एक एनजीओ चलाती थी जबकि उसके पति एक कालेज में प्रोफेसर थे। उस महिला ने पांव में गमबूट और घुटनों में फटी जींस पहनी हुई थी। महिला के साथ उसके दो बच्चे भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि, एनजीओ चलाती हैं, घुटने फटे दिख रहे हैं, समाज के बीच में जाती हैं, बच्चे साथ में है। क्या संस्कार दे रही हैं। इसी कार्यक्रम में उन्होंने एक ओर संस्मरण सुनाया। उन्होंने कहा कि वह श्रीनगर कालेज में पड़ते थे। एक लड़की चंडीगढ़ से आई थी। उसने हाफ कट पहना हुआ था। लड़के ऐेसे देख रहे थे कि कोई मुंबई से आ गई। कुछ दिन उसका खूब मजाक बना। यूनिवर्सिटी में पढ़ने आई हो और बदन दिखा रही हो, क्या होगा।
परीक्षा सिर पर, दाखिले को दबाव बना रहे दबंग, एमबीपीजी कॉलेज द्वारा पूर्व में ही बंद की जा चुकी है प्रवेश प्रक्रिया
डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में नया दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा 12 अप्रैल से होनी है। सभी कॉलेजों में स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर की कक्षाओं में दाखिला प्रक्रिया अब लगभग समाप्त हो चुकी है और विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन, कुछ अराजक छात्रनेताओं और दबंगों की आंख का कांटा बन चुके एमबीपीजी कॉलेज प्रशासन पर अब भी दाखिला दिलाने को दबाव बनाया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में दाखिले शुरू किए गए थे। विद्यार्थियों को एक नहीं बल्कि तीन-तीन बार दाखिला ले लेने का मौका दिया गया। अप्रैल से परीक्षा शुरू होनी है ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई का मौका मिल सके इसके लिए दाखिला अब बंद कर दिया गया है। लेकिन, इसके बावजूद कई छात्रनेता और दबंग प्रवृत्ति के लोग रोजाना कॉलेज आकर एमए सोशियोलॉजी, इकॉनॉमिक्स जैसे विषयों में उन विद्यार्थियों को दाखिला देने का दबाव बना रहे हैं जिन्होंने प्रवेश के लिए कुमाऊं विश्वविद्यालय के पोर्टल पर पंजीकरण तक नहीं कराया। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि ऐसे विद्यार्थियों को नियमविरुद्ध जाकर कतई दाखिला नहीं दिया जा सकता है। 150 सीटें रिक्त एमबीपीजी में कई बार की प्रवेश प्रक्रिया के बाद भी एमए में विभिन्न विषयों की करीब 150 सीटें इस बार रिक्त रह गई हैं। इन सीटों को बाहरी राज्यों के ऐसे विद्यार्थियों से भरने का दबाव बनाया जा रहा है जिन्होंने कभी पंजीकरण ही नहीं कराया है। प्रभारी प्राचार्य डा. बीआर पंत ने बताया कि स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में दाखिला प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। छूटे विद्यार्थियों को दाखिला लेने का कई बार मौका दिया गया। अप्रैल में परीक्षाएं होनी है ऐसे में अब किसी को दाखिला नहीं दिया जाएगा। कॉलेज प्रशासन किसी तरह के दबाव में नहीं आएगा।उत्तराखंड में बेहतर होगी स्वास्थ्य सेवाएं, केंद्र सरकार ने इन महत्वपूर्ण योजनाओं को दी स्वीकृति
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की वार्षिक कार्ययोजना 2021—22 में प्रस्तावित उन सभी महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है जिनके लागू होने से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास व विस्तार को गति मिलेगी। प्रभारी सचिव डा. पंकज कुमार पांडेय के नेतृत्व में बैठक में एनएचएम के निदेशक व अन्य प्रभारी अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। एनएचएम की वार्षिक कार्ययोजना को स्वीकृति मिलने पर प्रभारी सचिव डा. पांडेय ने प्रसन्नता व्यक्त की। बताया कि इस वर्ष एनएचएम के लिए 699.77 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। राज्य की ओर से प्रस्तावित सभी प्रस्तावों को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। उन्होंने पीआइपी के अनुमोदन को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। एनएचएम की निदेशक डा. सरोज नैथानी ने बताया कि इस वर्ष एनएचएम द्वारा राज्य में संचालित 54 डिलीवरी केंद्रों व 29 एफआरयू को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण सुझाव पीआइपी में प्रस्तावित किया गया था। जिस हेतु केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किए जाने का अनुमोदन कर दिया गया है। बताया कि इन डिलीवरी केंद्रों व एफआरयू की गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के कारण प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायता मिल रही है।बाल स्वास्थ्य में सुधार के लिए पौड़ी, चमोली व टिहरी के लिए स्वीकृत नौ आरबीएसके टीमों की मंजूरी को इस कार्यक्रम के लिए उपयोगी बताया है। इसी तरह बीमार बच्चों को अस्पतालों में उपचार हेतु रेफर किए जाने के दौरान रेफरल वाहन की स्वीकृति भी स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्योंकि अब कॉल सेंटर नंबर 104 के माध्यम से चिन्हित बीमार बच्चों को ट्रांसपोर्ट के अलावा एक प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी की देखरेख में रेफर किया जा सकेगा। केंद्र से इन प्रस्तावों को मिली स्वीकृति- राज्य में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में 500 नए कम्युनिटी हेल्थ आफिसर्स की तैनाती
- एनएचएम द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 400 एएनएम व 158 स्टाफ नर्सों की संविदा पर नियुक्ति को मंजूरी
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नौ नई टीमों की तैनाती की स्वीकृति। जिसके बाद संख्या बढक़र 148 हो जाएगी।
- बागेश्वर, चमोली, चंपावत, टिहरी व उत्तरकाशी के लिए डायलिसिस यूनिट की मंजूरी
- आपातकालीन सेवा 108 को प्रदान किए गए 132 नई एंबुलेंस के संचालन व रखरखाव हेतु 18.50 करोड़ का बजट स्वीकृत
- बच्चों व शिशुओं को उपचार के दौरान बड़े अस्पतालों को रेफर करने पर रैफरल ट्रांसपोर्ट की सुविधा
- सरकारी अस्पतालों में उपचार लेने वाले सभी मरीजों के लिए रेफरल लिंकेज की सुविधा
- राज्य में स्थापित 29 एफआरयू को क्रियाशील बनाने के लिए प्रस्तावित बजट की मंजूरी तथा पांच अतिरिक्त एफआरयू को स्वीकृति
- गढ़वाल व कुमाऊं में एक-एक कार्डियक केयर यूनिट को पीपीपी मोड के तहत खोले जाने को मंजूर
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