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अमृत तुल्य गिलोय के लाभ और अलग अलग बीमारियों मे उपयोग विधि।
secureutt · 2022-11-08
गिलोय की एक बहुवर्षिय लता होती है। इसके पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं। आयुर्वेद में इसको कई नामों से जाना जाता है यथा अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी, आदि। 'बहुवर्षायु तथा अमृत के समान गुणकारी होने से इसका नाम अमृता है।' आयुर्वेद साहित्य में इसे ज्वर की महान औषधि माना गया है एवं जीवन्तिका नाम दिया गया है।
देखिये इसके लाभ, अलग अलग बीमारियों मे उपयोग विधि और कहाँ इसके सेवन से परहेज करना चाहिए।
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