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ऊर्जा का केंद्र - कसारदेवी शक्तिपीठ

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

vikram.singh.bisht · 2020-08-20

देवभूमि उत्तराखंड में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जिनका ऐतिहासिक, पौराणिक महत्व तो है ही, साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी है। आज हम ऐसे धार्मिक स्थल की बात करने जा रहे हैं, जो  वैज्ञानिकों के लिए आज भी अनसुलझी पहेली और रहस्य बना हुआ है। यह धार्मिक स्थल उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की पहाड़ियों में स्थित है। यह धार्मिक स्थल कसारदेवी शक्तिपीठ (मंदिर) नाम से प्रसिद्ध है।

कसारदेवी मंदिर अल्मोड़ा से 8.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कश्यप पर्वत पर स्थित मां दुर्गा का यह मंदिर, इतिहासकारों के अनुसार दूसरी शताब्दी में बना है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां देवी दुर्गा मां साक्षात अवतरित हुई थी। मान्यता है कि यह वही स्थान है, जहां ढाई हजार वर्ष पहले मां दुर्गा ने, शुंभ-निशुंभ दानव का वध करने के लिए मां कात्यायनी का रूप धारण किया था।

विश्व में 3 पर्यटक स्थल ऐसे हैं, जहां कुदरत की खूबसूरती के दर्शन के साथ-साथ मानसिक शांति की अनुभूति होती है। जिनमें दक्षिण अमेरिका के पेरू स्थित माचू-पिच्चू, इंग्लैंड के मशहूर स्टोन हेंग और भारत के अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में स्थित कसारदेवी शक्तिपीठ है। वैज्ञानिकों के अनुसार इन जगहों को अद्वितीय और चुंबकीय शक्ति का केंद्र माना जाता है।

बताया जाता है कि, अल्मोड़ा में स्थित कसारदेवी के आसपास कई शक्तियां मौजूद हैं, जिसके कारण वैज्ञानिकों के लिए यह रहस्य का विषय बना हुआ है। अमेरिका की संस्था नासा (NASA) के वैज्ञानिक भी इस जगह के बारे में शोध कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वह भी इस रहस्य को नहीं सुलझा पाए है।

विशेषज्ञ मानते हैं मंदिर के आसपास वाला पूरा क्षेत्र "वैन एलेन बेल्ट" है, जहां धरती के अंदर विशाल भू-चुंबकीय पिंड है। यहां खास चुंबकीय शक्तियां हैं, जो शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं।

1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद भी यहां आए और कुछ समय के लिए ध्यान में लीन हो गए। कई अन्य उच्च आध्यात्मिक संत यहाँ ध्यान कर चुकें हैं।

यह धार्मिक स्थल चारों ओर वन क्षेत्र से घिरा हुआ है। मंदिर ऊंचाई में स्थित होने के कारण, यहां से चारों ओर अद्भुत सौंदर्य के दर्शन होते हैं। यहां बड़ी संख्या में देशी पर्यटकों के अलावा विदेशी पर्यटक भी आते रहते हैं।

सकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ यहां अनूठी मानसिक शांति मिलती है, जिसके कारण यह स्थान अधिकतर पर्यटकों से गुलजार रहता है।

प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ सकारात्मक और अद्भुत शक्तियों से भरपूर, इस स्थान को धार्मिक पर्यटन और ध्यान केंद्र के रूप में और अधिक बेहतर बनाया जा सकता है। जिसके चलते और अधिक सैलानी हर वर्ष यहां की ओर रुख करें।

अल्मोड़ा की जानकारी देता विडियो देखें

https://youtu.be/KlYIcmrFXL8

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