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रुद्रपुर में किसान महापंचायत आज, भाकियू नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे

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Uttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.Deepti.Pandey · 2021-03-01
रुद्रपुर कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को रुद्रपुर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों का दावा है कि महापंचायत में एक लाख से भी अधिक किसान पहुंच सकते हैं। आज दोपहर लगभग 01:30 बजे भाकियू नेता राकेश टिकैत भी महापंचायत में पहुंचे। यहां उन्होने किसानों को संबोधित किया। इस महापंचायत को काँग्रेस ने भी अपना समर्थ दिया है।
किसान महापंचायत में पहाड़ी संस्कृति की झलक दिखाई दी। यहां किसान उत्तराखंड के पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ पहुंचे। वहीं श्रमिक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर श्रमिक ढोल-नगाड़े लेकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के साथ किसानों को समर्थन देने पहुंचे। पंजाब और यूपी गायक भी गीतों के द्वारा आंदोलन को अपना समर्थन देंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा गाजीपुर बॉर्डर के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि महापंचायत को लेकर किसानों में जोश है। सरकार को नए कृषि कानूनों को शीघ्र वापस लेना चाहिए। महापंचायत में बाजपुर के 20 गांवों की 58.38 एकड़ भूमि का मुद्दा भी उठाया जाएगा। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि महापंचायत शाम तीन बजे तक चलेगी।
उन्होंने बताया कि महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, डॉ. दर्शन पाल सिंह, आशीष मित्तल के साथ ही पंजाबी गायक सोनिया मान, रूपिंदर हांडा और हैरी धनोवा शामिल होंगे।
किच्छा बाईपास रोड रहेगी डायवर्ट
किसान महापंचायत किच्छा रोड स्थित मैदान में होगी। इस बीच किच्छा बाईपास रोड डायवर्ट है। किच्छा से आने वाले वाहन इंदिरा चौक की ओर से आ रहे हैं। वहीं, डीडी चौक से आने वाले वाहन इंदिरा चौक पर जाकर हाईवे से गुजर रहे हैं। एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि महापंचायत में पांच सीओ, 17 एसओ, एचओ, 36 एसआई, तीन कंपनी पीएसी, 250 कांस्टेबल और 50 महिला कांस्टेबल मौजूद हैं। केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून के विरोध में पूरे देश में चल रहे किसान महापंचायतों के मद्देनजर उत्तराखंड के रुद्रपुर में भी एक मार्च को किसान संगठनों द्वारा किसान महापंचायत आयोजित की जा रही है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और किसानों से इस बार पंचायत में भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जिस प्रकार कृषि कानून लागू किए गए हैं, वे असंवैधानिक हैं। केंद्र सरकार द्वारा हिटलरशाही दिखाकर इतने बड़े किसान आंदोलन को नजरअंदाज किया जा रहा है। सारे देश में महापंचायत आयोजित की जा रही हैं, लेकिन घमंड में चूर चंद उद्योगपतियों की सरकार आज देश के अन्नदाता की जायज बात को सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित रुद्रपुर की महापंचायत में पछवादून से सैकड़ों लोग भागीदारी करेंगे। इस अवसर पर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष शम्मी प्रकाश, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रेम प्रकाश अग्रवाल, पूर्व सभासद बलजीत सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य नितिन वर्मा उपस्थित रहे।
दो बुजुर्गों को किया सम्मानित
अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन धरनास्थल पर रात दिन दो बुजुर्गों को रविवार को किसान आंदोलनकारियों ने बागड़िया पहनाकर सम्मानित किया। इन दोनों ने प्रतिज्ञा ली कि जब तक किसान आंदोलन नहीं जीतेंगे, तब तक वे यहां से जाने वाले नहीं हैं। सम्मानित होेने वालों में जगबीर सिंह बालियान और दौलत सिंह हैं।
UttaraPedia