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हरिद्वार कुंभ का शुभारंभ 27 फरवरी से

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Uttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.Deepti.Pandey · 2021-01-26
जानिए कुम्भ मेले को लेकर तैयारियों की झलकप्रदेश में हरिद्वार कुंभ मेले की शुरुआत 27 फरवरी से होना तय हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कुंभ की एसओपी जारी होने के बाद कुम्भ के इंतजामों की कवायद बढ़ गयी है। कल सोमवार को, इस हेतु शासन स्तर पर कई बैठकों का आयोजन किया गया। कुंभ की शुरुआत को लेकर लंबे समय से निरंतर कयासबाजी का दौर चल रहा है। और अब सरकार ने कुंभ के आयोजन की तिथि तय कर दी है। शहरी विकास निदेशक विनोद कुमार सुमन ने बताया कि हरिद्वार कुंभ की शुरुआत 27 फरवरी से होगी। वर्तमान में यह निर्णय लिया गया है कि, लगभग 45 दिन तक कुंभ चलेगा लेकिन इस बीच अगर केंद्र सरकार से मिले पत्र पर विचार किया गया तो अवधि पर अंत समय तक निर्णय लिया जा सकता है। शीघ्र ही शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। बीते रविवार को केंद्र सरकार से कोविड-19 के चलते कुंभ की एसओपी जारी होने के बाद सोमवार को सचिवालय में माहौल गर्म नजर आया। कुंभ में कोविड से बचाव के इंतजामों और इलाज की पुख्ता व्यवस्था के लिए कई बैठकें की गयी। स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग के सचिवों ने covid-19 संक्रामण के बचाव इंतजामों को लेकर चर्चा की। तय किया गया कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की एक टीम डीआरडीओ के अधिकारियों इस सिलसिले में चर्चा करेगी। शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि कुंभ पर्व के आयोजन के अधिकतर कार्य संपन्न हो चुके हैं और शेष कार्य भी 15 फरवरी तक पूर्ण करने की ज़ोर शोर से प्रयास हैं। कोविड से बचाव के काफी इंतजाम पहले से किए जा चुके हैं। एसओपी के हिसाब से जो भी निर्देश मिले हैं, उन पर भी पुख्ता तरीके से अमल शुरू कर दिया गया है। ज्यादा भीड़ बढ़ने पर होल्ड एरिया में रोके जाएंगे श्रद्धालु कुंभ और विभिन्न पर्व स्नान के अवसर पर पर हजारों - लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार उमड़ने की संभावना है। मेला पुलिस-प्रशासन ने हर परिस्थितियों के अनुसार भिन्न भिन्न प्लान तैयार किए हैं। केंद्र सरकार से कुंभ की एसओपी जारी होने के बाद कोविड-19 के बीच सुरक्षित कुंभ आयोजन कराना सबसे बड़ी चुनौती है। अत्यधिक भीड़ उमड़ने पर श्रद्धालुओं को होल्ड एरिया में रोका जाएगा। और फिर होल्ड एरिया से बारी-बारी से श्रद्धालुओं को घाटों तक जाने की अनुमति दी जाएगी ताकि संक्रमण के खतरे से बचा जा सके। कुंभ मेले के शाही स्नानों पर देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने पहुंचते हैं। पर्व स्नानों पर भी उत्तर भारत से श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंचती है। कोरोनाकाल में कुंभ आयोजन को लेकर मेला पुलिस-प्रशासन के लिए दोहरी चुनौती है। कोरोना संक्रमण का खतरा भले ही कम हो रहा है, लेकिन अभी टला नहीं है। हरिद्वार में स्नान के लिए 72 घाट बनाए गए हैं। घाटों का विस्तारीकरण होने से भीड़ नियंत्रण में पिछले कुंभ की तुलना में इस बार मेला पुलिस को बड़ी सहायता मिलेगी, लेकिन भीड़ को लेकर अभी असमंजस की स्थिति बनी है। डीपीजी अशोक कुमार ने उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेज पर कुंभ तैयारियों को लेकर पुलिस की भावी योजनाओं को शेयर किया है। डीपीजी ने कहा कि पुलिस ने हर परिस्थितियों के हिसाब से प्लान तैयार किए हैं। अधिक भीड़ होने पर शहरी और आउटर क्षेत्र में होल्ड एरिया बनाए जाएंगे। इससे घाटों पर श्रद्धालुओं के दबाव को नियंत्रित किया जाएगा। घाटों पर स्नान कर लौटते ही होल्ड एरिया के श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा। इससे संक्रमण से बचाव होगा। हरकी पैड़ी के अलावा अन्य घाटों पर भी स्नान के लिए श्रद्धालुओं को प्रेरित और जागरूक किया जाएगा जिससे हरकी पैड़ी पर दबाव नियंत्रण के साथ भीड़ का सामाजिक दूरी का पालन हो सके।
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