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日本語
हिंदी से जापानी सीखें
हिंदी से जापानी की शुरुआत: लिपि पहचानें, अपना परिचय दें, कीमत पूछें और यात्रा में मदद माँगें। इन चार शुरुआती अध्यायों में मूल जापानी, Roman reading, अनुमानित हिंदी उच्चारण और हिंदी अर्थ साथ दिए गए हैं। पहले छोटे वाक्य बोलें; फिर उनमें नाम, स्थान या वस्तु बदलकर अपना वाक्य बनाएँ।
पहला अध्याय शुरू करें →उच्चारण कैसे पढ़ें
हिंदी संकेत केवल शुरुआती सहारा हैं। ā, ī, ū, ē, ō लंबे स्वर हैं: स्वर की गुणवत्ता बदले बिना उसे लगभग दो ताल तक बोलें। जापानी u हिंदी उ से कम गोल होंठों के साथ निकलता है। r हल्का, एक स्पर्श वाला है। मूल ऑडियो से लय और स्वराघात सुनें।
हिंदी से समानताएँ और फर्क
- हिंदी की तरह जापानी में क्रिया प्रायः अंत में आती है: ‘मैं पानी पीता हूँ’ के समान कर्ता–कर्म–क्रिया क्रम मिलता है।
- हिंदी के ‘को, में, से’ की तरह जापानी में संज्ञा के बाद छोटे संबंधसूचक कण लगते हैं; लेकिन उनके प्रयोग एक जैसे नहीं हैं।
- हिंदी का आदरभाव समझने से जापानी के विनम्र रूप समझने में मदद मिलती है; शुरुआती बातचीत में desu और masu वाले रूप उपयोगी हैं।
- जापानी संज्ञाओं में हिंदी जैसा पुल्लिंग–स्त्रीलिंग व्याकरणिक भेद नहीं होता। संदर्भ स्पष्ट हो तो कर्ता भी अक्सर छोड़ दिया जाता है।
- हिंदी का परिचित वाक्यक्रम उपयोगी पुल है, पर इससे दोनों भाषाओं का एक ही भाषा-परिवार होना सिद्ध नहीं होता। शब्द और लिपियाँ अलग सीखनी होंगी।
आपके चार शुरुआती अध्याय
- 01अध्याय 1: जापानी लिपियाँ और पहली ध्वनियाँहिरागाना, काताकाना और कांजी का अंतर समझें तथा छोटे और लंबे स्वर पहचानें।
- 02अध्याय 2: नमस्ते और अपना परिचयविनम्र अभिवादन करें और नाम तथा देश बताएँ।
- 03अध्याय 3: एक से दस और खरीदारीबुनियादी अंक पढ़ें, कीमत पूछें और वस्तु माँगें।
- 04अध्याय 4: रास्ता, पानी और बातचीत में मददयात्रा में जरूरी प्रश्न पूछें और समझ न आने पर बातचीत जारी रखें।
आगे सुनें और पढ़ें
मूल आवाज़ सुनकर अभ्यास करें। देवनागरी और Roman संकेत उच्चारण सीखने में सहायता हैं; वे हर ध्वनि को पूरी तरह नहीं दिखा सकते।
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