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हिंदी से कन्नड़ सीखें
कर्नाटक की यात्रा, पड़ोस और कामकाज की छोटी बातचीत के लिए हिंदी से कन्नड़ सीखें। चार अध्याय अक्षरों से परिचय, सम्मानजनक संवाद, गिनती और यात्रा के सवाल तक ले जाते हैं। मूल कन्नड़ के साथ रोमन और हिंदी उच्चारण दिए हैं। हर अध्याय के शब्दों को अपने नाम, सामान और वास्तविक परिस्थिति से जोड़कर बोलें; केवल अर्थ पढ़कर आगे न बढ़ें।
पहला अध्याय शुरू करें →उच्चारण कैसे पढ़ें
रोमन ā, ī, ū, ē, ō लंबे स्वर हैं। ṭ, ḍ, ṇ, ḷ में जीभ पीछे मोड़ें; t और d दंत्य हैं। sh = श, ṣ = ष और ch = च। e/o छोटे तथा ē/ō लंबे स्वर हैं। दोहरे व्यंजन में थोड़ा अधिक समय लगता है। हिंदी में दिया उच्चारण लगभग है; विशेषकर ळ तथा छोटे ए/ओ का अंतर मूल ऑडियो से सीखें।
हिंदी से समानताएँ और फर्क
- कन्नड़ द्रविड़ और हिंदी इंडो-आर्यन भाषा है; फिर भी सामान्य कर्ता–कर्म–क्रिया क्रम दोनों में मिलता है।
- हिंदी के नमस्कार और धन्यवाद जैसे परिचित शब्द कन्नड़ में नमस्कारा और धन्यवादगळु के रूप में मदद कर सकते हैं।
- हिंदी की तरह कन्नड़ में दंत्य त और मूर्धन्य ट अलग हैं। ळ की ध्वनि सीखने के लिए जीभ की स्थिति पर अतिरिक्त अभ्यास चाहिए।
- हिंदी के आप के करीब कन्नड़ ನೀವು है; अनौपचारिक ನೀನು से इसे अलग रखें। अनजान लोगों से शुरुआत सम्मानजनक रूप में करें।
- वाक्य में संबंध और क्रिया की जानकारी अक्सर प्रत्ययों से जुड़ती है। हिंदी के शब्दों का एक-एक सीधा अनुवाद करने के बजाय छोटे पूरे वाक्य सीखें।
आपके चार शुरुआती अध्याय
- 01अध्याय 1: कन्नड़ अक्षर और ध्वनियाँछोटे-बड़े स्वर और निहित अ के साथ प्रतिनिधि अक्षर पढ़ें।
- 02अध्याय 2: नमस्कारा और अपना परिचयकुशलक्षेम, नाम और अपनी भाषा के बारे में सम्मान से बात करें।
- 03अध्याय 3: एक से दस और कीमतसंख्या पहचानें और दुकान पर छोटी खरीदारी का संवाद करें।
- 04अध्याय 4: रास्ता, खाना और सहायतायात्रा के सवाल पूछें और बात समझने के लिए मदद माँगें।
आगे सुनें और पढ़ें
मूल आवाज़ सुनकर अभ्यास करें। देवनागरी और Roman संकेत उच्चारण सीखने में सहायता हैं; वे हर ध्वनि को पूरी तरह नहीं दिखा सकते।
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