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लॉकडाउन में अपनी आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को एक और अवसर

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

secureutt · 2020-12-02

उत्तराखंड, कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन में सरकारी नौकरियों के लिए तय आयु सीमा पार कर गए हजारों अभ्यर्थियों के अच्छे समाचार, उन्हें उत्तराखंड सरकार एक मौका देने जा रही है। ऐसे सभी उम्मीदवार सरकारी नौकरियों के लिए फिर से आवेदन कर सकेंगे। प्रदेश सरकार आयु सीमा में छह महीने की छूट देने जा रही है।
ओवर एज अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए सरकार ने आयुसीमा में छूट देने का फैसला किया है। मैंने फाइल पर अनुमोदन दे दिया है। जल्द कार्मिक विभाग इसका आदेश जारी कर देगा। - त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
उत्तराखंड राज्य में सरकारी नौकरी हेतु अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष है। इस आयु सीमा के बेहद करीब वाले अभ्यर्थियों की उम्मीदों को कोरोना काल में बड़ा झटका लगा। लॉकडाउन और कोविड संक्रमण के कारण उत्तराखंड लोकसेवा आयोग और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से खाली पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी नहीं की जा सकी। प्रवेश परीक्षाएं भी स्थगित रहीं। हजारों की संख्या में ऐसे अभ्यर्थी रहे, जिनके लिए सरकारी नौकरी के लिए आवेदन का आखिरी अवसर था, लेकिन यह अवसर कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों ने उनसे छीन लिया। इस सम्बन्ध में अनेकों अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आयु सीमा में छूट देने की मांग की थी। उनका तर्क था कि लॉकडाउन के बाद जब आयोगों ने खाली पदों के लिए विज्ञप्ति और प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की तो वे ओवर एज हो गए। उनके अनुरोध पर कार्मिक विभाग ने आयु सीमा में कम से कम छह महीने की छूट देने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास भेजा। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब कार्मिक विभाग इसका आदेश जारी कर देगा। 2500 पदों पर प्रक्रिया शुरू, 3000 की तैयारी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्तर पर इस वर्ष में 2500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तीन हजार पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने माना है कि कोविड-19 महामारी के कारण भर्ती प्रक्रियाओं में देरी हुई है।
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