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रानीबाग-भीमताल मार्ग पर जाम से मिलेगा छुटकारा

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

Diwakar · 2020-10-05

रानीबाग - भीमताल पर HMT factory के समीप, सिंगल लेन पुल को डबल करने के लिए केंद्रीय सड़क निधि से पुल का निर्माण आरंभ हो गया है। भीमताल (नैनीताल) लगभग 18 माह के बाद रानीबाग-भीमताल मोटर मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग ने रानीबाग के पास 7.17 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहे स्टील ग्रेडर टू - लेन पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह काम 18 माह में सम्पन्न हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) के ईई एबी कांडपाल ने बताया कि - इस पुल की भार सहने की क्षमता 28 टन (1 टन = 1000 किलोग्राम) तक होगी। वर्तमान में रानीबाग का पुल 14 टन भार ही उठा पता है। IIT मुम्बई ने पास किया इस पुल का डिजाइन। ऋषिकेश की हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी पुल का निर्माण कर रही है। पुल से एक साथ दो वाहन गुजर सकेंगे। इससे भीमताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, रानीखेत, धानाचूली, धारी और भवाली जाने वाले लोग जाम से बच सकेंगे और साथ ही नैनीताल-ज्योलीकोट एनएच मार्ग पर भी यात्रियो को परेशानी नहीं होगी। पुल बनने से जहां लोगों का आवागमन सुलभ होगा, तो वहीं काश्तकारों को अपना सामान लाने और ले जाने में काफी राहत मिलेगी। रानीबाग पुल का निर्माण कई दशक पूर्व किया गया था। तब से वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होने से पुल पर जाम की स्थिति बनी रहती है। पर्यटक सीजन के दौरान कई बार पर्यटकों के वाहन पुल के आसपास जाम में फंस जाते हैं। जिससे लोगों की कई बार तो ट्रेनें भी छूट जाती हैं। इसके अतिरिक्त, पर्वतीय क्षेत्र के फल उत्पादकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। फल से लदे वाहन नियत समय पर मंडी नहीं पहुंच पाते हैं। जिससे उत्पादकों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। पुल बनने से अब फल उत्पादकों को काफी राहत मिलेगी तो वहीं लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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