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उत्तराखंड 45 -60 वर्ष की आयु के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू, चयनित बूथों पर लगाई जा रही वैक्सीन

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Uttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.Diwakar · 2021-03-01
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए अब वैक्सीन लगवाने के लिए 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की बारी आ गई है। उत्तराखंड में आज (सोमवार) से 45 से 60 आयु के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। चयनित बूथों पर वैक्सीन लगाई जा रही है। फिलहाल केवल सरकारी अस्पतालों में वैक्सीनेशन किया जा रहा है। वेक्सीनेशन करवाने के लिए 60 साल से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों को कोई भी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या कोई भी अन्य आईडी लानी है। उन्हें किसी बीमारी का प्रमाण पत्र लाने की आवश्यकता नहीं है। जबकि 45 से 60 साल वाले लोगों को बीमारी का प्रमाण पत्र लाना आवश्यक है।
केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार तीसरे चरण में 60 साल से अधिक आयु के लोगों और 45 - 59 आयु वर्ग के उन लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है जो पूर्व से ही किसी बीमारी से ग्रसित हैं। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा एक साफ्टवेयर भी तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश की कुल जनसंख्या के आधार पर 60 साल से अधिक आयु और 45 से 59 आयु वर्ग के लोगों का अनुमानित संख्या का आकलन किया है। इस वर्ग के लोगों की संख्या प्रदेश में 20 लाख से ज्यादा हो सकती है।
प्रदेश के सात जिलों में रविवार को 43 नए कोराना संक्रमित मिले हैं। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 96,992 हो गई है। इनमें से 93,453 मरीज कोरोना से उबर चुके हैं। राहत की बात ये है कि कोरोना से किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है। वहीं 11 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिला कर 93,453 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 451 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 96.35 % है, जबकि संक्रमण दर लगभग 4% है।
पांच राज्यों से आने वाले रेल यात्रियों की होगी कोरोना जांच
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और केरल से देहरादून आने वाले रेल यात्रियों की नए सिरे से कोरोना जांच शुरू कर दी गई है। इन राज्यों में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार, जिला प्रशासन व रेल प्रशासन की ओर से यह कदम उठाया गया है। इन राज्यों से आने वाले यात्रियों की विधिवत जांच के बाद ही स्टेशन से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक एसके अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और केरल जैसे राज्यों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग के साथ ही जांच भी कराई जा रही है। इसके साथ ही नई दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों पर भी पैनी नजर है। सभी यात्रियों की जांच के साथ ही उनके नाम पते आदि भी नोट किए जा रहे हैं।
UttaraPedia