UttaraPediaUttaraPedia हिंदी

From the archive

विजन मोदी- दिव्य केदार पुरी (केदारनाथ धाम का पुर्ननिर्माण हेतु प्रधानमंत्री मोदी का विज़न)

Stone temples at Jageshwar, Almora
Photo creditUttarakhand collection · context photograph · PradeepBisht · CC BY-SA 4.0 · Resized, WebP conversion and display crop. Same license as original.

Swati.Khandelwal · 2020-09-13

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन - अच्छे हो केदार पुरी के दर्शन

जून 2013 की आपदा को बीते 7 वर्ष हो चुके हैं और अब केदार पुरी एक नए रंग में निखर कर सामने आई है। इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट, जो कि उनका विजन भी है  कहा जा सकता है,  प्रधानमंत्री खुद समय-समय पर इसकी समीक्षा करते रहते हैं। इसको प्रोजेक्ट की सफलता ही कहा जा सकता है कि बीते वर्ष पहली बार 10 लाख से अधिक यात्री धाम में दर्शन को पहुंचे जो कि अब तक की सर्वाधिक संख्या है। 2013 की आपदा ने जो केदारनाथ में तबाही मचाई थी उससे कभी यह लगता ही नहीं था कि यह यात्रा निकट भविष्य में शुरू हो पाएगी. पर मोदी जी के विजन और  प्रोजेक्ट में आई तेजी के कारण ही यह संभव हो सका है। धाम में यात्रियों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है साथ ही तीर्थ, पुरोहितों के लिए 210 भवनों का निर्माण भी कराया गया है। आपदा के बाद नया पैदल मार्ग तैयार किया गया जो कि 10 किलोमीटर लंबा है। साथ ही कई जगह छोटे बाजार भी विकसित किए गए हैं और इन स्थानों पर यात्रियों के रहने की उचित व्यवस्था भी की गई है।   प्रधानमंत्री मोदी खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केदारनाथ में चल रहे कार्यों की जानकारी समय-समय पर लेते रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार रामबाड़ा से केदारनाथ तक छोटे-छोटे पेच को श्री केदारनाथ जी से की ऐतिहासिकता से जोड़ा जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को वहां की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के बारे में रोचक जानकारियां मिल सके। केदारनाथ यात्रा को इको फ्रेंडली बनाने के लिए पॉलिथीन पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही एक इको डेवलपमेंट कमेटी का भी गठन किया गया है। कूड़े को एक स्थान पर एकत्र करके उसे कमपोस्ट किया जा रहा है, साथ ही ऊर्जा संरक्षण के लिए एलईडी बल्ब बल्ब का ही प्रयोग किया जा रहा है।  जिस ध्यान गुफा में प्रधानमंत्री मोदी ने 17 घंटे बिताए थे वह श्रद्धालुओं के लिए काफी आकर्षण का केंद्र बन गई है और उस गुफा में रहने हेतु बुकिंग के लिए जैसे श्रद्धालुओं में होड़ लग गई। केदारनाथ धाम में समुद्र तल 12500 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई। यह ध्यान गुफा देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी आकर्षण का केंद्र बन रही है। अगर आपको भी इस गुफा में  समय व्यतीत करना है तो गढ़वाल मंडल विकास निगम की वेबसाइट पर जाकर आप अपने लिए बुकिंग करा सकते हैं। केदारनाथ यात्रा अनुभव पर हमारी टीम द्वारा बनाये इस विडियो को भी आप देख सकते है। https://youtu.be/as0JQ0PoPLM
उत्तरापीडिया के अपडेट पाने के लिए फ़ेसबुक पेज से जुड़ें।
More from the archive →