भारतीय भाषा · हिंदी माध्यम
తెలుగు
हिंदी से तेलुगु सीखें
तेलुगु बोलने वाले मित्रों से परिचय, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यात्रा तथा दुकान पर छोटी बातचीत की शुरुआत करें। चार अध्याय ध्वनि, परिचय, संख्या और रोज़मर्रा के सवाल सिखाते हैं। मूल तेलुगु के साथ रोमन और हिंदी उच्चारण पढ़ें, लेकिन लक्ष्य धीरे-धीरे मूल लिपि पहचानना रखें। हर अध्याय के अंत में बिना तालिका देखे तीन उत्तर देने की कोशिश करें।
पहला अध्याय शुरू करें →उच्चारण कैसे पढ़ें
ā, ī, ū, ē, ō लंबे स्वर; ṭ, ḍ, ṇ, ḷ मूर्धन्य ध्वनियाँ हैं। ch का अर्थ च और sh का अर्थ श है। e/o छोटे तथा ē/ō लंबे स्वर हैं, हालांकि हिंदी में यह भेद अक्सर लिखकर साफ नहीं दिखता। दोहरा व्यंजन थोड़ा देर तक रोकें। रोमन अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं, उच्चारण-सहायता है; हिंदी रूप लगभग उच्चारण बताता है।
हिंदी से समानताएँ और फर्क
- तेलुगु द्रविड़ और हिंदी इंडो-आर्यन भाषा है; सामान्य कर्ता–कर्म–क्रिया क्रम फिर भी दोनों में मिलता है।
- నమస్కారం जैसे संस्कृत से जुड़े शब्द परिचित लग सकते हैं, लेकिन बाकी शब्द का अर्थ केवल समान आवाज़ देखकर न मानें।
- हिंदी के त/ट और द/ड का अंतर तेलुगु सीखने में मदद करता है; दोनों भाषाओं में कई ध्वनियों की जीभ की स्थिति मिलती है।
- हिंदी के आप जैसा सम्मान तेलुगु में మీరు से व्यक्त होता है। अनुरोध वाले क्रिया-रूपों में अक्सर -ండి सुनेंगे।
- लिखित तेलुगु में शब्दों के अंत के स्वर स्पष्ट दिखते हैं। उन्हें हिंदी की आदत से हर जगह गिरा देना ठीक नहीं।
आपके चार शुरुआती अध्याय
- 01अध्याय 1: तेलुगु के स्वर और अक्षरप्रतिनिधि अक्षरों से स्वर की लंबाई और त/ट का भेद पहचानें।
- 02अध्याय 2: परिचय और सम्मानजनक बातचीतनाम पूछें, कुशलक्षेम जानें और बताएँ कि आप तेलुगु सीख रहे हैं।
- 03अध्याय 3: गिनती और बाज़ारएक से दस बोलें और दुकान पर कीमत पूछें।
- 04अध्याय 4: यात्रा के काम आने वाले सवालजगह, समय, पानी और सहायता के लिए छोटे वाक्य बोलें।
आगे सुनें और पढ़ें
मूल आवाज़ सुनकर अभ्यास करें। देवनागरी और Roman संकेत उच्चारण सीखने में सहायता हैं; वे हर ध्वनि को पूरी तरह नहीं दिखा सकते।
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